tag:blogger.com,1999:blog-220820862008-02-25T09:08:48.567-08:00HIndi JokesJalaj P. Jhanoreply@blogger.comBlogger21125tag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-29710896732428029912008-01-04T12:24:00.000-08:002008-01-04T12:32:21.720-08:00गाँधीजी और मल्लिकागाँधीजी और मल्लिका में समानता ?<br />दोनों ने कपड़े त्याग दिए<br />एक ने देश के लिए<br />दूसरे ने देशवासियों के लिए<br /><br /><br />१९८० की लड़की : माँ मैं जींस पहनूंगी<br />माँ : नहीं बेटी लोग क्या कहेंगे ?<br />२००८ के लड़की : माँ मैं मिनी स्कर्ट पहनूंगी<br />माँ : पहन ले बेटी कुछ तो पहन लेJalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-66753549898793113062008-01-04T11:58:00.000-08:002008-01-04T12:17:45.533-08:00सितारे जमीन पर Every Husband is Specialमैं कभी बतलाता नहीं<br />पर तुझ से डरता हूँ मैं जान<br />यूं तो मैं,दिखलाता नहीं<br />तेरी परवाह करता हूँ मैं मेरी जान<br />तुझे सब हैं पता, हैं न जान<br />तुझे सब हैं पता,,मेरी जान`<br />बोझ इतना न लोदो मुझ पर<br />घर लॉट के भी आ ना पाऊँ जान<br />भेज इतना दूर मुझ को तू<br />याद भी तुझको आ ना पाऊँ जान<br />क्या इतना बुरा हूँ मैं जान<br />क्या इतना बुरा मेरी <span class=""></span><br /><span class=""></span><br />जब भी कभी नज़र मेरी किसी पे पड़े<br />जो ज़ोर से मन<br />में झूला झुलाती हैं जान<br />मेरी नज़र ढूंढें तुझे<br />सोचु यही तू कब आ के धमकेगी जान<br />तुझसे मैं यह कहता नहीं<br />पर मैं सहम जाता हूँ जान<br />चेहरे पे आना देता नहीं<br />दिल ही दिल में घबराता हूँ जान<br />तुझे सब है पता है ना जान<br />तुझे सब है पता मेरी जान<br />मैं कभी बतलाता नहीं<br />पर तुझ से डरता हूँ मैं जान<br />यूं तो मैं,दिखलाता नहीं<br />तेरी परवाह करता हूँ मैं मेरी जान<br />तुझे सब हैं पता, हैं न जान<br />तुझे सब हैं पता,,मेरी <span class="">जान<br /></span><br />राजेश जैन<br /><br />__._,_.___Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-37402363666927141402007-07-02T06:51:00.000-07:002007-07-02T06:59:53.506-07:00लगे रहो चमन भाई<a href="http://hindijokes.blogspot.com/2006/02/blog-post_10.html">चमन भाई</a> को पता चला की उसके एकाउंटेंट ने उसे ५० करोड़ का चुना लगाया है.<br /><br />एकाउंटेंट गूंगा और बहरा था. उसे नौकरी पर इसलिये लगाया था की बहरा होने के कारण कभी कोई राज़ की बात सुन नहीं सकेगा, और गूंगा होने के कारण कभी कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही नहीं दे सकेगा.<br /><br />चमन भाई को गूंगे-बहारो के इशारो की समझ नहीं थी इसलिये पूछताछ के लिए अपने दाहिने हाथ "सटकेला" को ले गया जिसे इशारो की समझ थी.<br /><br />चमन भाई ने एकाउंटेंट से पूछा "बता तुने जो मेरे ५० करोड़ उडाये है वो कहाँ छुपा रखे है?"<br /><br />सटकेला ने इशारो में एकाउंटेंट से पुछा उसने पैसे कहाँ छुपाये.<br /><br />एकाउंटेंट ने इशारे में कहाँ : "मैं कुछ नहीं जानता तुम किं पैसो की बात कर रहे हो"<br /><br />सटकेला ने चमन भाई से कहा: "भाई बोल रहा वो कुछ नहीं जानता हम किं पैसो की बात कर रहे है."<br /><br />चमन भाई को गुस्सा आ गया और पिस्तौल एकाउंटेंट की कनपट्टी पर रखकर बोला "अब फिर पूछ!"<br /><br />सटकेला ने इशारों में एकाउंटेंट को कहा: "तुने अगर नहीं बताया और भाई ने घोडा दबा दिया तो समझ ले तेरी वाट लग जायेगी!"<br /><br />एकाउंटेंट ने डरकर इशारे किये: "अच्छा! में बताता हूँ! मैंने पैसे मेरे चचेरे भाई संतु के घर के पिछवाड़े में गाड़ दिए थे!"<br /><br />चमन भाई ने पूछा: "क्या बोलता है सटकेला?"<br /><br />सटकेला ने जवाब दिया: "भाई... बोलता है... की आपमें हिम्मत नहीं की उसे गोली मार सके!!"Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-68883294269937337622007-07-02T05:03:00.000-07:002007-07-02T05:07:03.053-07:00रोबोटएक दिन राजू के पापा एक रोबोट ले कर आये.<br /><br />वह रोबोट झूठ पकड़ सकता था और झूठ बोलने वाले को गाल पर खीँच कर चांटा मार देता था.<br /><br />आज राजू स्कूल से घर देर से आया था... पापा ने पूछा "घर लौटने में देर क्यो हो गयी?"<br /><br />"आज हमारी एक्स्ट्रा क्लासेस थी" राजू ने जवाब दिया...<br /><br />रोबोट अचानक अपनी जगह से उछला और जमकर राजू के गाल पर चांटा मार दिया.<br /><br />पापा हंसकर बोले, "ये रोबोट हर झूठ को पकड़ सकता है और झूठ बोलने वाले को चांटा भी मारता है. अब सच क्या है यह बताओ... कहाँ गए थे?"<br /><br />"में फिल्म देखने गया था" राजू बोला<br /><br />"कौन सी फिल्म?" पापा ने कड़ककर पूछा<br /><br />"हनुमान"<br />चटाक... अभी राजू की बात पूरी भी नहीं हुई थी की उसके गाल पर रोबोट ने एक जोर का चांटा मारा.<br /><br />"कौन सी फिल्म?" पापा ने फिर पूछा<br /><br />"कातिल जवानी."<br /><br />पापा ग़ुस्से में बोले "शर्म आनी चाहिए तुम्हे. जब में तुम्हारे जितना था तब ऐसी हरकत नहीं किया करता था."<br /><br />चटाक... रोबोट ने एक चांटा मारा... इस बार पापा के गाल पर.<br /><br />यह सुनते ही मम्मी किचन में से आते हुए बोली "आख़िर तुम्हारा बेटा है ना... झूठ तो बोलेगा ही"<br /><br />अब मम्मी की बारी थी... चटाक...Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-23886909398655644482007-06-28T00:57:00.000-07:002007-06-28T01:06:56.222-07:00बाथरूम सिंगरलड़का: चलो किसी वीरान जगह चलते हैं!<br />लडकी: तुम ऐसी-वैसी हरकत तो नही करोगे?<br />लड़का: बिल्कुल नही!<br />लडकी: तो फिर रहने दो...<br /><br /><br />रावण को अदालत में गीता पर हाथ रखना को कहा गया. उसने मना कर दिया<br />बोला: सीता पर हाथ रख कर इतनी मुसीबत आयी! अब गीता... नहीं...<br /><br /><br />अगर आप बस पे चढे...<br />या फिर बस आप पे चढे...<br />दोनो मर्तबा टिकिट आपका ही काटता है<br /><br /><br />एक औरत दुसरी से: जब तेरा तलाक हुवा था तब तो एक ही बच्चा था<br />और अब ३ कैसे?<br />दुसरी बोली: वो कभी कभी माफ़ी मँगाने आ जाते थे...<br /><br /><br />तुम्हारी गर्ल फ्रेंड का एसएमएस मिला है,<br />कहती है कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाना को,<br />इक्कीसवी सदी है बम से उड़ा दो साले को.<br /><br /><br />एक महल बनाने के लिए हज़ारो मजदूर लगते है...<br />लाखो सैनिक देश की रक्षा के लिए,<br />पर सिर्फ एक औरत घर को खुशहाल बनाने के लिए!<br />आईये धन्यवाद दे... कामवाली को<br /><br /><br />लड़का: तुम गाना बहुत अच्छा गाती हो.<br />लडकी: नहीं, में तो सिर्फ बाथरूम सिंगर हूँ.<br />लड़का: तो बुलाओ ना कभी, महफिल जमाते हैं.<br /><br /><br />बॉस ग़ुस्से में: तुमने कभी उल्लू देखा है?<br />कर्मचारी (सर झुकाते हुए): नहीं सर .<br />बॉस: नीचे क्या देख रहे हो ? मेरी तरफ देखो.Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-48905870340904719972007-06-27T05:24:00.000-07:002007-06-27T05:29:20.944-07:00मीटर बंद करवो बोले "महफिल में कहीँ हमारे जूते खो गए अब हम घर कैसे जायेगे",<br />हमने कहा "आप शायरी शुरू कर दीजिए इतने आयेगे की फिर गिन नही पायेंगे"<br /><br /><br />एक नया जोड़ा शादी के बाद आशीर्वाद लेने के लिए नेता के पास गया.<br />नेता बोला "हम आशीर्वाद नही देते... सिर्फ उदघाटन ही करते हैं"<br /><br />टैक्सी ड्राइवर मारवाड़ी पस्सेंजर से : "सर गाडी के ब्रेक फेल हो गए है अब क्या करु.?"<br />मारवाड़ी : "हरामखोर, पहले मीटर बंद कर..."Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-30472801732883774042007-06-27T05:09:00.000-07:002007-06-27T05:15:57.394-07:00५ साल बाद<span class=""></span>शादी के बाद...<br /><br />अभी शादी का पहला ही साल था,<br />ख़ुशी के मारे मेरा बुरा हाल था,<br />खुशियाँ कुछ यूं उमड़ रहीं थी,<br />की संभाले नही संभल रही थी..<br /><br />सुबह सुबह मैडम का चाय ले कर आना<br />थोडा शरमाते हुये हमें नींद से जगाना,<br />वो प्यार भरा हाथ हमारे बालों में फिरना,<br />मुस्कुराते हुये कहना की...<br /><br />डार्लिंग चाय तो पी लो,<br />जल्दी से रेडी हो जाओ,<br />आप को ऑफिस भी है जाना...<br /><br />घरवाली भगवान का रुप ले कर आयी थी,<br />दिल और दिमाग पर पूरी तरह छाई थी,<br />सांस भी लेते थे तो नाम उसी का होता था,<br />इक पल भी दूर जीना दुश्वार होता था...<br /><br />५ साल बाद........<br /><br />सुबह सुबह मैडम का चाय ले कर आना,<br />टेबल पर रख कर जोर से चिल्लाना,<br />आज ऑफिस जाओ तो मुन्ना को<br />स्कूल छोड़ते हुए जाना...<br /><br />सुनो एक बार फिर वोही आवाज आयी,<br />क्या बात है अभी तक छोड़ी नही चारपाई,<br />अगर मुन्ना लेट हो गया तो देख लेना,<br />मुन्ना की टीचर्स को फिर खुद ही संभाल लेना...<br /><br /><span class="">ना </span>जाने घरवाली कैसा रुप ले कर आयी थी,<br />दिल और दिमाग पर काली घटा छाई थी,<br />सांस भी लेते हैं तो उन्ही का ख़याल होता है,<br />अब हर समय जेहन में एक ही सवाल होता है...<br /><br />क्या कभी वो दिन लौट के आएंगे,<br />हम एक बार फिर कुंवारे हो जायेंगे.... ...!Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-40506684830298425582007-05-20T00:34:00.001-07:002007-05-20T00:45:35.155-07:00आत्महत्याएक आदमी लायब्रेरियन के पास पंहुचा : "भाई साहब आप मुझे आत्महत्या पर कोई किताब दे सकते है ।<br />लायब्रेरियन : नहीं दे सकता । आप लौटायेंगे नहीं !Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-26619559219625722007-05-18T05:59:00.000-07:002007-05-18T06:31:46.546-07:00कटिंगकटिंग बोले तो ... भारत में दो चीजों को कहते है । अगर आप किसी रेस्टोरेंट में जाते है तो एक ग्लास चाय का जो ऊपर से आधा इंच खाली हो । दुसरा अगर किसी नाई की दुकान में जाते है तो बाल/केश कटाने को । यहाँ हम दुसरे कटिंग की बात कर रहे है ।<br /><br />आज हमे हमारे मेल पर एक फोरवर्ड मिला । अब ये मत पूछियेगा की फोरवर्ड क्या है । इन्टरनेट पर अगर कुछ सबसे ज्यादा चलता है तो वो है फोरवर्ड । आपको कोई मेल मिला, पसंद आया, भेज दीजिए उसे दस अन्य लोगो को । नहीं पसंद आया तो भी भेज दीजिए, अपना टाईम वेस्ट हुआ तो दूसरो को क्यो बख्शे । तो हमे फोरवर्ड मिला, पसंद आया, तो हमने सोचा इसका हिन्दीकरण कर आप लोगो को फोरवर्ड कर दे।<br /><br />तो कहानी यूं है ...<br /><br />एक बुढ़ा नाई था । एक माली उसके पास कटिंग कराने गया । कटिंग के बाद जब पैसे देने चाहे तो नाई ने जवाब दिया :<br />माफ़ कीजिये में आपसे पैसे नही ले सकता । में समाज सेवा कर रहा हूँ । माली ख़ुशी ख़ुशी दुकान से चला गया ।<br /><br />अगले दिन जब नाई दुकान पर पहुचा तो दरवाजे पर उसने पाया एक दर्जन खुशबूदार लाल गुलाब और साथ में एक "धन्यवाद" कार्ड ।<br /><br />एक हलवाई उसके पास कटिंग कराने पंहुचा । उसने भी जब कटिंग के बाद जब पैसे देने चाहे तो नाई ने पैसे लेने से इनकार कर दिया । हलवाई भी ख़ुशी ख़ुशी दुकान से चला गया ।<br /><br />अगले दिन जब नाई दुकान पर पहुचा तो दरवाजे पर उसने पाया एक दर्जन रस मलाई और साथ में एक "धन्यवाद" कार्ड ।<br /><br />एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर ने कटिंग कराया पैसे देने पर नाई ने पैसे लेने से इनकार कर दिया यह कह कर की वो समाज सेवा कर रहा है ।<br /><br />अगले दिन जब नाई दुकान पर पहुचा तो जानते है उसने दरवाजे पर क्या पाया ...<br />...<br />...<br />...<br />...<br />...<br />...<br />एक दर्जन सोफ्टवेयर इंजिनियर करते हुए फ्री कटिंग का इंतज़ार । सबके हाथ में फोरवर्ड किये गए मेल के प्रिंट आऊट ।<br />...<br />...<br />...<br />...<br />...<br />...<br />कहानी खत्म ... अब ये मत पूछियेगा उस मेल में क्या लिखा था ... और उस नाई का पता तो बिल्कुल भी नहीं ...Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-9837328561356535382007-05-18T01:18:00.000-07:002007-05-18T01:27:39.153-07:00बचाओ बचाओडूबते हुए आदमी ने<br />पुल पर चलते हुए आदमी को<br />आवाज़ लगायी "बचाओ बचाओ"<br />पुल पर चलते आदमी ने नीचे<br />रस्सी फेंकी और कहा आओ...<br /><br />नदी में डूबता हुआ आदमी<br />रस्सी नही पकड़ पा रहा था<br />रह रह कर चिल्ला रहा था<br />मैं मरना नही चाहता<br />जिन्दगी बड़ी महंगी है<br />कल ही तो मेरी एक MNC में नौकरी लगी <span class=""><span class="">है....</span><br /></span><br />इतना सुनते ही पुल पर चलते<br />आदमी ने अपनी रस्सी खींच ली<br />और भागते भागते वो MNC गया<br />उसने वहाँ के HR को बताया की<br />अभी अभी एक आदमी डूबकर मर गया है<br />और इस तरह आपकी कंपनी में<br />एक जगह खाली कर गया <span class=""><span class="">है...</span><br /></span><br />में बेरोजगार हूँ मुझे ले लो...<br />HR बोली दोस्त तुमने देर कर दी,<br />अब से कुछ देर पहले<br />हमने उस आदमी को लगाया है<br />जो उससे धक्का दे कर<br />तुमसे पहले यहाँ आया है !!!Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-53131753862591961412007-05-03T05:20:00.000-07:002007-05-03T05:25:50.138-07:00उफ़ ये फैशनकान्तिभाई (सड़क किनारे खडे एक राहगीर से) :<br />नीली जीन्स पहने उस छोटे बाल वाले व्यक्ति को देखो तो । लड़का है या लडकी?<br /><br />राहगीर : वो लडकी है और मेरी बेटी है<br /><br />कान्तिभाई : माफ़ कीजिये मुझे पता नही था की आप उसके पिता है।<br /><br />राहगीर : पिता ? में उसकी माँ हूँ !Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-18720861611521371012007-03-19T22:24:00.000-07:002007-03-19T22:47:59.763-07:00ऑटो-मे-टकलीएक बार संता गंगुबाई के घर जाता है और दरवाज़ा knock करता है.<br />गंगुबाई: कौन ?<br />संता: मैं !<br />गंगुबाई: मैं कौन?<br />संता: ओये, तू गंगुबाई..<br /><br />बंता: यह चाक़ू क्यों उबाल रहे हो?<br />संता: Suicide करने के लिए<br />बंता: तो फिर उबलने कुई क्या ज़रूरत है?<br />संता: कहीं infection ना हो जाये ।<br /><br />संता अपनी खूबसूरत बीबी के साथ कार में बैठा। ड्राइवर ने शीशा सेट किया. संता ग़ुस्से में बोला, मेरी बीबी को देखता है, पीछे बैठ , कार में चलाऊंगा!<br /><br />बंता: परेशान लग रहे हो? क्या हुआ?<br />संता: में बाप बनने वाला हूँ<br />बंता:पर यह तो अच्छा है<br />संता: इसमे अच्छा क्या है? मेरी बीबी को अभी तक नही पता <span class="">है!</span><br /><br />बंता: यह AUTOMATICALLY क्या होता है? <span class=""></span><br />संता: ओये तेनु एह वी नहीं पता, जब ऑटो में कोई गंजी लडकी जा रही हो तो उसे कहते हैं ऑटो-मे-टकलीJalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-37405682762035134972007-03-19T21:21:00.000-07:002007-03-19T22:17:54.910-07:00हिंदी बोलना हमारी Duty हैLadies And Gentlemen,<br />India हमारी Country है,<br />और हम है इंडिया के Citizen,<br />इसलिये हिंदी बोलना हमारी Duty है,<br />पर बेचारी हिंदी की किस्मत ही फूटी है,<br />आज कि Young Generation Whenever माउथ खोलती है,<br />Only And Only English ही बोलती है,<br />Person कि Ability को English से तौलती है,<br />तब हमारा सिर Shame से झुक जाता है,<br />And Heart Deep वेदना से भर जाता है,<br />ये सब Very Wrong है,<br />In Reality देशद्रोह है, ढोंग है,<br />हमे अपनी Daily Life में हिंदी Language को लाना है,<br />Worldwide फैलाना है,<br />Then And Only Then,<br />हमारी भारत माता के,<br />Dreams होंगे सच,<br />Thank You All Very Very Much.<br /><br />(श्री खुशवंत सिंह जी कि रचना, जैसा कि मैं अपनी स्मृति से निकाल सका। blogger के नए द्विभाषिक Interface का इससे अच्छा उपयोग किसी और रचना में कहां)Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-66768369469689364702007-03-17T03:47:00.000-07:002007-03-17T03:59:33.248-07:00दीदीसंता के घर लडकी ने जनम लिया<br />बंता: जब लडकी बड़ी होगी तो लड़के इसे छेड़ेंगे<br />संता: मैंने इसका इन्तजाम कर लिए है<br />बंता: क्या किया<br />संता: लडकी का नाम दीदी रख दिया है<br /><br /><br />संता : यार, मैं अपनी गर्ल फ्रेंड नु गिफ्ट देना है की देवाँ ??<br />बंता : गोल्ड रिंग दे दे<br />संता : नै यार, कोई बड़ी चीज़ दस<br />बंता : MRF दा टायर दे दे<br /><br /><br /><br />संता स्कूल आता है 1 काला और 1 सफ़ेद जूता पहनकर ।<br />टीचर - घर जाओ और जूते बदल कर आओ<br />संता - टीचर कोई फ़ायदा नही वहा भी एक काला और एक सफ़ेद जूता ही रखा हैJalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139995637194108092006-02-15T01:26:00.000-08:002006-02-15T01:27:17.196-08:00मैं और मेरे रूममेट्समैं और मेरे रूममेट्स<br />अक्सर यह बातें करते हैं...<br />घर साफ़ होता तो कैसा होता<br />मैं किचन साफ़ करता,तुम बाथरूम धोते<br />मैं हॉल साफ़ करता, तुम बालकनी देखते<br /><br />लोग इस बात पे हैरान होते<br />और उस बात पे हँसते....<br />मैं और मेरे रूममेट्स ,<br />अक्सर यह बातें करते हैं !!!<br /><br />यह हरा भरा सींक है<br />या बर्तनों की जंग छिड़ी हुई है<br />यह कलरफ़ुल किचन है<br />या मसालों से होली खेली है<br /><br />है फ़र्श की नयी डिज़ाइन<br />या दूध, बीयर से धुली हुई हैं<br /><br />यह सेलफ़ोन है या ढक्कन,<br />स्लीपींग बैग या किसीका आँचल,<br />ये एयरफ़्रेशनर का नया फ़्लैवर है,<br />या कचरे के डब्बे से आती बदबू<br />यह पत्तियों की है सरसराहत<br />की हीटर फ़िर से खराब हुआ है<br />यह सोचता हैं रूममेट कब से गुम सुम -<br />के जब के उसको भी यह खबर है<br />के मच्छर नही है, कहीं नही है<br />मगर उसका दिल है कि कह रहा है<br />मच्छर यहीं है, यहीं कहीं है !<br /><br />तोंद की ये हालत, मेरी भी है, उसकी भी,<br />दिल में एक तस्वीर इधर भी है, उधर भी !!!<br />करने को बहुत कुछ है मगर कब करें हम<br />कब तक यूं ही इस तरह रहें हम<br />दिल कहता है सेफ़वे से कोई वेक्युम क्लीनर ला दे<br />ये कारपेट जो जीने को जुझ रहा है, फ़िकवा दे<br />हम साफ़ रह सकते है, लोगों को बता दें,<br />हाँ हम रूममेट्स है - रूममेट्स है - रूममेट्स है<br />अब दिल मैं यही बात, इधर भी है उधर भी......<br />सब को बता दें.........Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139995595201471042006-02-15T01:25:00.000-08:002006-02-15T01:26:35.233-08:00नेता झुठ कितना बोलते हैनेताओं से भरी एक बस जा रही थी. अचानक बस रोड़ छोड़ कर नीचे खेत में एक<br />पेड़ से जा टकरायी. एक बुढ़ा किसान जिसका वह खेत था दौड़ता हुआ आया. सब कुछ<br />देख उसने एक गड्ढा खोदना शुरू किया और फ़िर उसमे नेताओं को दफ़ना दिया.<br /><br />कुछ दिन बाद स्थानीय प्रशासन को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा,<br />उन्होने किसान से पुछा की सारे नेता कहाँ गये.<br /><br />किसान ने बताया की उसने सभी को दफ़ना दिया है..<br />"क्या सभी मर गये थे???" आश्चर्यचकित हो पुछा गया<br /><br />किसान ने बताया " नही! कुछ कह रहे थे की वो नही मरे, पर आप तो जानते ही<br />है की ये नेता झुठ कितना बोलते है..."<br /><br />----------------------------------------------------------------------<br /><br />नर्सरी क्लास में छोटे बच्चों से पुछा गया "भगवान कहाँ है?"<br />एक बच्चे ने जोर जोर से हाथ हिलाया "मुझे पता है!!"<br />टीचर ने कहाँ "अच्छा बताओं"<br />बच्चे ने बताया "हमारे बाथरूम में"<br /><br />एक पल के लिये टीचर चुप! फ़िर संभलते हुए बोली "तुम्हे कैसे पता?"<br /><br />बच्चा बोला "रोज सुबह जब पापा उठते है, बाथरूम का दरवाजा पिटते हुए कहते<br />है - हे भगवान ! तुम अब तक अंदर ही हो!"<br /><br />----------------------------------------------------------------------<br /><br />चायवाला : भोली सी सुरत, आँखों में मस्ती, दूर खड़ी शरमाये..."आये हाये"<br /><br />लड़की: काली सी सुरत, हाथों में केतली , दूर खड़ा चिल्लाये, "चाये चाये"!!!<br /><br /><br /><br />सुरज हुआ मद्धम , चांद जलने लगा, आसमां ये हाय, क्यु पिघलने लगा, मैं<br />ठहरा रहा ज़मीं चलने लगी, धड़का ये दिल साँस थमने लगी, क्या ये मेर पहला<br />पहला प्यार है??<br /><br />अबे बेवकुफ़...ये प्यार नही.. भूकंप है..भाग ले!!!Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139570907468765382006-02-10T03:27:00.000-08:002006-02-10T03:28:27.470-08:00चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं...एक एरिया में भाई रहता है, चमन भाई.. अब उसके एरिया में जो भी लफ़ड़ा होता है तो पुलिस से पहले चमन भाई की अदालत में जाता है.<br /><br />एक बार चमन भाई के एरिया में रेप हो जाता है और जिस ने काम बजाया होता है उसको पकड़ के चमन भाई के पास लेके जाते है. चमन भाई पहले तो बहुत शान्ति से स्टाईल में उससे बात करते है वो कुछ इस तरह से है.<br /><br />चमन: क्या रे तेरे को मालूम नहीं ये अपुन का एरिया है??<br /><br />मुजरीम: हाँ मालूम है ना भाई.<br /><br />चमन: फ़िर कैसे हिम्मत किया रेप की मेरे एरिया मे?<br /><br />मुजरीम: अब क्या बोलु भाई किस्मत खराब थी.<br /><br />चमन: चल मेरे को सब सच सच बता क्या और कैसे हुवा<br /><br />मुजरीम: अभी क्या ना इधर नाके पे अपुन पान खाने के लिये आया<br /><br />चमन: फ़िर..<br /><br /> मुर्जिम: अपुन खड़े होके पान खारेला था और उतने में सामने वाली बिल्डींग पे अपुन की नज़र गई.<br /><br />चमन: आगे बोल<br /><br />मुजरीम: उधर तीसरी माले पे एक चिकनी खड़ी हुए थी<br /><br />चमन: फ़िर क्या हुवा<br /><br />मुजरीम: अपुन को ऐसा लगा के उसने इशारा किया आने के लिये<br /><br />चमन: फ़िर तुने क्या किया<br /><br />मुजरीम: अपुन सोचा के कुछ काम होएंगा उसको. अपुन बिल्डींग के नीचे गया<br /><br />चमन: फ़िर<br /><br />मुजरीम: उसने इशारे से अपुन को उपर बोलाया.. अपुन सिड़ी चड़ते हुए सोच रहा था चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन: चल फ़टा फ़ट आगे बोल<br /><br />मुजरीम: अपुन ने उसको जाके बोला क्या काम है? काईको इशारा किया अपुन को?<br /><br />चमन: फ़िर<br /><br />मुजरीम: फ़िर क्या भाई अपुन को उसने घर में अन्दर खींच लिया<br /><br />चमन: फ़िर<br /><br />मुजरीम: अपुन घर में तो चला गया लेकिन सोच रहा था के चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन: आगे बोल<br /><br />मुजरीम: उसने अपुन का हाथ पकड़ लिया<br /><br />चमन: अच्छा?<br /><br />मुजरीम: सच्छी बोलता है भाई हाथ पकड़ते ही अपुन फ़िर सोचा चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन : फ़िर क्या हुवा<br /><br />मुजरीम: फ़िर क्या था उसने बोला चिकने मेरी प्यास बुझा दे<br /><br />चमन: फ़िर तु क्या बोला (जोश में आकर)<br /><br />मुजरीम: अपुन क्या बोलता? उसने अप्ना दुपट्टा नीचे गिरा दिया<br /><br />चमन: तो क्या हुवा..<br /><br />मुजरीम: अपुन के दिमाग की ढाइ हो गई क्या बॉडी थी साली की... लेकिन भाई फ़िर भी अपुन सोचा चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन: फ़िर तुने क्या किया<br /><br />मुजरीम: अपुन बोला एकाद किस करेगा और चला जायेगा. बोले तो बॉडी काम करेंगा लेकिन इन्जन नहीं खोलने का<br /><br />चमन: तो फ़िर<br /><br />मुजरीम: उसने अपुन को खीच लिया सच्ची बोला है भाई ऐसी कातिल जवानी अपुन अक्खी लाइफ़ में नहीं देखा<br /><br />चमन: हाँ वो तो है तो आगे बोल (गर्म होते हुए)<br /><br />मुजरीम: फ़िर क्या था अपुन ने किस किया, लेकिन इमान से बोलता है सोच रहा था चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन : आगे बोल<br /><br />मुजरीम: फ़िर उसने अपनी कमीज़ उतार दी<br /><br />चमन: फ़िर<br /><br />मुजरीम : फ़िर सलवार. लेकिन अपुन के दिल में एक ही खयाल आ रहा था चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन: आगे आगे<br /><br />मुजरीम: फ़िर बिलाउस और चड्डी साली ने सब उतार दी<br /><br />चमन : सही में. फ़िर<br /><br />मुजरीम: फ़िर मेरी पेन्ट खीच ली<br /><br />चमन : अच्छा. फ़िर फ़िर<br /><br />मुजरीम: मेरी अंडरवीयर में हाथ डाल दिया<br /><br />चमन: ओह! फ़िर, फ़िर, फ़िर<br /><br />मुजरीम: चड्डी उतार दी मेरी लेकिन अपुन फ़िर भी सोचा चमन भाई का एरिया है लफ़ड़ा नहीं करने का<br /><br />चमन : (गुस्सा होते हुए) अरे चमन गया माँ चुदाने तु आगे बोल.<br /><br />मुजरीम : यही सोच के तो मैने रेप कर डाला.Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139550384946293202006-02-08T04:31:00.001-08:002006-02-09T21:46:24.970-08:00ट्रक का नंबर भी लिखा हैएक ट्रक दुसरे ट्रक को खीच रहा था.<br />देख कर सरदारजी हँसकर लोटपोट होके गिर पड़े और बोले: <br />एक रस्सी का टुकड़ा उठाने के लिये २-२ ट्रक<br /><br /><br />सन्ता और बन्ता मिस्र के म्युज़ीयम में ममी को देख रहे थे<br />सन्ता: बेचारा! पट्टीयाँ ही पट्टीयाँ लगी हैं...<br />कितनी चोटें लगी हैं इसको..<br />जरूर ट्रक एक्सीडेंट में मरा होगा...<br />बन्ता: हाँ, ट्रक का नंबर भी लिखा है . :- A.D.1460<br /><br /><br />सन्ता मे बन्ता से पुछा : तुम पोस्टपैड के बजाय प्रीपैड को महत्व क्यों देते हो?<br />बन्ता: प्रीपैड में बहुत फ़ायदा है, इसमे कॉल के बाद बिल बढने के बजाय कम होता है...Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139402010963395212006-02-08T04:31:00.000-08:002006-02-08T04:33:30.983-08:00कभी Enter तो मारो यारअभी अभी तो प्यार का PC किया है चालु<br />अपने दिल के Hard Disk पे और कितनी Files डालु<br /><br />अपने चेहरे से रूसवाई की Error तो हटाओ<br />ऐ जानेमन अपने दिल का Password तो बताओ<br /><br />वो तो हम है जो आप की चाहत दिल मॆं रखते है<br />वरना आप जैसे कितने Softwares तो बाज़ार में बिकते है<br /><br />रोज़ रात आप मेरे सपने में आते हो<br />मेरे प्यार को Mouse बना के उंगलियों पे नचाते हो<br /><br />तेरे प्यार का Email मेरे दिल को लुभाता है<br />पर बीच में तेरे बाप का Virus आ जाता है<br /><br />और करवाओगे हमसे कितना इन्तजार<br />हमारे दिल की साईट पे कभी Enter तो मारो यार<br /><br />अपने इन्सल्ट का बदला देखो कैसे लुंगा<br />जानेमन तेरे बाप को Ctrl+Alt+Delete कर दुंगा<br /><br />आपके कई नखरे अपने दिल पे बैंग हो गये<br />दो PC जुड़ते जुड़ते Hang हो गये<br /><br />आप जैसो के लिये दिल को Cut किया करते है<br />वरना बाकी केसेस में तो Copy Paste किया करते हैं<br /><br />आपक हँसना आप क चलना आप की वो स्टाईल<br />आपकी अदाओं की हमने Save कर ली है File<br /><br />जो सदीयों से होता आया है वो रीपीट कर दुंगा<br />तु ना मिली तो तुझे Ctrl+Alt+Delete कर दुंगा<br /><br />लड़कीयां सुन्दर हैं और लोनली हैं<br />प्रोब्लम है कि बस वो Read Only हैं<br /><br />शायद मेरे प्यार को टेस्ट करना भुल गये<br />दिल को ऐसा Cut किया की Paste करना भुल गये<br /><br />वो समझते हैं दिल तोड़ दिया तो हम Dead हैं<br />वो नहीं जानते की इस दिल में और कितने थ्रेड हैं<br /><br />रोज़ सुबह हम करते है इतने प्यार से उन्हे गुड मोर्निंग<br />वो हमे घूर कर देखते हैं जैसे 0 error but 5 warningsJalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139315380276180852006-02-07T04:26:00.000-08:002006-02-07T04:29:40.283-08:00मोहब्बत हो गयी है चैटिंग से...दुनिया बदल गयी है चैटिंग से<br />होती है अब हैकिंग चैटिंग से<br />होती थी लड़कियाँ सुबह शाम हमारी गलीं में<br />निकलना हो गया उनका बन्द चैटिंग से<br />क्योंकि होती हैं अब तो सैटिंग चैटिंग से<br />दुनिया हो गयी है बेकार चैटिंग से<br /><br />होती हैं खराब आखें चैटिंग से<br />पहले करते हम दोस्त बातें होटलों में<br />पीते थे चाय वगैरह होटलों में<br />खूब होती थी मस्ती होटलों में<br /><br />खेलते थे मज़ा किया करते थे<br />अब तो होती है बात तो वो भी चैटिंग से<br />बेकार हो गया है टेलीफ़ोन चैटिंग से<br />हो जाती है अब वोईस चैट चैटिंग से<br />पता नहीं था क्या मतलब होता है ASL क<br />पता चल गये सारे मतलब चैटिंग से<br /><br />हो रहे हैं बदनाम लोग चैटिंग से<br />करता नहीं कोई अंग्रेज बातें हमसे चैटिंग से<br />कह्ते हैं की आती है इंगलिश चैटिंग से<br />मैं कहता हुं होगये है इंगलिश खराब चैटिंग से<br />होती थी बड़ी धूम धाम से शादी<br />निकाह हो रहा है अब चैटिंग से<br />अब तो ऐसा लगता है कि जनाब<br />मोहब्बत हो गयी है चैटिंग से....!!!Jalaj P. Jhanoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-22082086.post-1139312365102064762006-02-07T03:35:00.000-08:002006-02-07T03:39:25.110-08:00पहली बार अकेली सोयी है !मल्लिका शेरावत को एयरपोर्ट कस्टम काउंटर पर चेक करते हुए पुछा :<br />"माचिस की इस डिब्बी में क्या है ?"<br />मल्लिका शेरावत ने जवाब दिया :<br />"परेशान मत करों. इसमे मेरे कपड़े है और क्या !"<br /><br /><br />रिपोर्टर ने मल्लिका से पुछा :<br />"सुबह उठकर सबसे पहले आप क्या करती है ?"<br />मल्लिका ने जवाब दिया :<br />"सुबह उठकर सबसे पहले अपने घर चली जाती हुं"<br /><br /><br />मल्लिका शेरावत का देशभक्ति गीत :<br />"अब तुम्हारे हवाले बदन साथियों"<br /><br /><br />लड़्को के लिये जन्मदिन का बधाई संदेश :<br />ईश्वर करें हर दिन आपकी खुशियाँ पेट्रोल के भाव की तरह बढ़े<br />और आपके ग़म मल्लिका शेरावत के कपड़ों की तरह घटे"<br /><br /><br />मल्लिका शेरावत के मरने के बाद उसकी कब्र पर क्या लिखा होगा ?<br />"पहली बार अकेली सोयी है !"Jalaj P. Jhanoreply@blogger.com